“रुद्रपुर के पहाड़गंज में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, प्रशासन ने 199 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए”
Encroachment on government land in Rudrapur
रुद्रपुर । Encroachment on government land in Rudrapur, शहर की घनी आबादी वाला पहाड़गंज इस वक्त सुर्खियों में है। किच्छा हाईवे के किनारे बसे पहाडगंज में कई साल पहले अतिक्रमण का पहाड़ तैयार हुआ था।
तब सत्ता के सियासी संरक्षण में दर्शन सिंह नाम के व्यक्ति ने बेखौफ होकर इस सरकारी भूमि पर प्लाटिंग कर बाहर से आए लोगों को बसा दिया। चूंकि भूमि सरकारी थी, लिहाजा रजिस्ट्री और दाखिल खारिज हो नहीं सकता था ऐसे में सौ रुपये के स्टांप पर यहां बसाने का बड़ा खेल खेला गया।
10-10, 20-20 लाख रुपये में जमीन खरीदी
उप्र के रामपुर, बहेड़ी आदि क्षेत्रों के लोगों ने 10-10, 20-20 लाख रुपये में जमीन खरीद कर आलीशान भवन खड़े कर लिए। सियासी दबाव कहिए या फिर लालच किसी ने भी इतनी बड़ी आबादी को बसने से रोकने की जरूरत नहीं समझी। मगर शासन, सत्ता और समय बदला तो तब की गलती अब इन्हें भारी पड़ने जा रही है।
एडीएम पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में प्रशासन ने इस क्षेत्र का सर्वे करा लिया है। प्रथम सर्वे में 350 भवन चिह्रित किए हैं, जिनमें 200 भवनों की प्राधिकरण में सुनवाई पूरी होने के बाद ध्वस्तीकरण के आदेश पारित कर दिए गए हैं। 199 भवन स्वामियों को आदेश तामील भी करा दिए गए हैं।
आदेश के अनुसार पहाड़गंज में एक जुलाई से अतिक्रमण के इस पहाड़ पर सरकारी बुलडोजर चलाने की तैयारी है। इसीलिए प्रशासन ने तामील कराए गए आदेशों में साफ कर दिया है कि एक जुलाई तक हर हालत में इस क्षेत्र को खाली कर दिया जाए, फिर भी कोई अतिक्रमणकारी अपने भवन को खुद नहीं तोड़ता है तो प्रशासन उस पर अपनी कार्रवाई करेगा। ऐसे में अब जैसे-जैसे एक जुलाई करीब आ रही है, यहां बसे लोगों की नींद उड़ने लगी है। इधर, प्रशासन भी अपनी तैयारियों में जुट गया है।
सरकारी भूमि पर बसे इन लोगों ने रखी ऐसी बात
साहब, हमारा क्या दोष है। हमने तो दर्शन सिंह से सात साल पहले छह लाख रुपये में सौ गज जमीन खरीदी थी। मूलरूप से हम रामपुर जिले के स्वार के रहने वाले हैं। सही जमीन मिल गई तो हमने अपने रिश्तेदारों को भी दिला दी। सौ रुपये के स्टांप पर हमने खरीदी थी। पहले तो बेचने वाले पर कार्रवाई हो।
- शेर अली, पहाड़गंज
हम रामपुर के रहने वाले हैं। अगर यह सरकारी जमीन है तो जब बेची जा रही थी तब कार्रवाई की जानी थी। अब आठ दस साल बाद उनको उजाड़ा जा रहा है, यह बात समझ नहीं आ रही है। बिजली मीटर देख लीजिए, पिता नसीर अहमद के नाम से तो बिल भी आ रहा है। अतिक्रमण है तो बिजली कनेक्शन क्यों मिल गया।
- अल्तिफा नसीर अहमद, पहाड़गंज
सरकारी जमीन पर जिसने अतिक्रमण कराया है, उस पर भी कार्रवाई की जाए। हमें उससे रुपये दिला दिए जाएं तो हम अपना मकान खुद तोड़ देंगे। वर्षों बाद इतनी बड़ी आबादी उजाड़ने का काम तो उत्पीड़न है। एक जुलाई तक हटने के लिए आदेश में तिथि दी गई है, जिससे परिवार वालों की नींद उड़ी हुई है।
- मेहंदी हसन, पहाड़गंज
सौ रुपये के स्टांप पर हमें तो कहकर यह बना बनाया मकान दिलवाया गया। हम तो अच्छे से अपने परिवार के साथ रामपुर जिले के मुड़िया में रह रहे थे। 29 लाख रुपये में दोमंजिला मकान खरीदकर यहां आ गए। बेटा मानसिक विक्षिप्त है। हम बुजुर्ग लोग कहां जाएं, हमारी तो नींद उड़ी हुई है।
- हुसैन वक्त, पहाड़गंज
अवैध कब्जों की जांच को कमेटी गठित, एसडीएम अध्यक्ष
सरकारी भूमि पर बसाए गए पहाड़गंज को अतिक्रमण मुक्त करने से पूर्व एक कमेटी का प्रशासन ने गठन किया है। एडीएम पंकज उपाध्याय ने बताया कि पहाड़गंज में 199 भवन के ध्वस्तीकरण के आदेश पारित हुए हैं। दो जून को 199 भवन स्वामियों को नोटिस तामील करा दिए गए हैं। अतिक्रमणकारियों ने बताया है कि उन्होंने यह भूमि दर्शन सिंह से खरीदी है।
उसका भवन भी इसी भूमि पर बना हुआ है। विद्युत कनेक्शन भी इन लोगों ने ले रखे हैं। इन सभी मामलों की जांच को कमेटी बनाई गई है। जिसमें एसडीएम रुद्रपुर अध्यक्ष हैं, तहसीलदार, सहायक नगर आयुक्त नगर निगम, एसडीओ ऊर्जा निगम, एई प्राधिकरण शामिल हैं। यह कमेटी सभी मामलों की जांच कर तोड़फोड़ से पहले रिपोर्ट सौंपेंगी।
खाली पड़ी चार एकड़ भूमि को बचाने की कसरत, होगी तारबाड़
जिस पहाड़गंज में अतिक्रमण का पहाड़ खड़ा हो गया है, वहीं पर अभी करीब चार एकड़ भूमि खाली भी पड़ी है। जो सरकारी नजूल है। अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय का कहना है कि उक्त भूमि पर अतिक्रमण न हो जाए, प्रशासन को इसकी चिंता है। इसका सर्वे करा लिया गया है। बहुत जल्द इस भूमि को सुरक्षित करने के लिए प्रशासन तारबाड़ कराएगा।
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वाले चाहे कोई भी हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। पहाड़गंज क्षेत्र में अतिक्रमण के मामले में गहन परीक्षण, साक्ष्य अवलोकन आदि करने के बाद ही प्राधिकरण ने कार्रवाई का निर्णय लिया है। नोटिस दे दिए गए हैं, निर्धारित तिथि तक अतिक्रमण न हटने पर कार्रवाई की जाएगी।
- पंकज उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी, ऊधम सिंह नगर